बिना काम हुए ग्राम पंचायत अदा किए 20 लाख , वी डी ओ ने जांच रिपोर्ट सौंपी

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बिना काम हुए ग्राम पंचायत अदा किए 20 लाख , वी डी ओ ने जांच रिपोर्ट सौंपी

कई कमियां पाये गए, कईयों पर गिरेंगी गाज

चंद्रपुर/महाराष्ट्र

दि: 20 अगस्त 2022 

दुर्गापुर सवांददाता- 

पुरी खबर:- केंद्र सरकार की 14 वां वित्त आयोग के निधि से ग्राम पंचायत उर्जानगर वार्ड नं 1 के केसरीनंदन नगर में सड़क व नाली निर्माण के कार्य के लिए निविदा निकलने के 16 महीने बाद भी काम नहीं हुआ जबकि शिकायतकर्ता देवेश गौतम के अनुसार लगभग 20 लाख रुपये का बिल दे भी दिया गया। उक्त सनसनी खेज लिखित आरोप ग्राम पंचायत उर्जानगर के पूर्व सदस्य देवेश गौतम ने जिलापीरषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चन्द्रपुर और पूर्व पालक मंत्री सुधिर मुनगंटीवार के पास पहली बार 13 जुलाई 2021 में किया था। उसके बाद पुनः 27 दिसबंर 2021 को लिखित शिकायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी और पूर्व पालकमंत्री सुधिर मुनगंटीवार को किया।

 

एक साल बाद अधूरी जांच रिपार्ट आई..

  • शिकायतकर्ता देवेश गौतम के बार-बार के शिकायत पर उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने अबतक 6 बार संबंधित मामले की जांच के लिए संवर्ग विकास अधिकारी चन्द्रपुर को दिया है। आखिरी निवेदन में शिकायत कर्ता ने बी डी ओ के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये और उन्हें भी जांच के दायरे में लाने और उनपर कार्रवाई करने की मांग की । उसके बाद अंततः मजबूर होकर संवर्ग विकास अधिकारी ने अनमने मन से जांच की। ततपश्चात एक साल बाद 8 अगस्त 2022 को बी डी ओ ने अपनी अधूरी जांच रिपोर्ट जिला परिषद के बांधकाम विभाग के उप अभियंता को सौपी। हालांकि जांच रिपोर्ट में गोलमोल करने की कोशिश की फिर भी जांच में कुछ ऐसे सन्दर्भ कहा गया है जिससे स्पष्ट होता है कि 1 अप्रैल 2021 को खोली गई टेंडर के अनुसार गजानन दरवे से उत्तम पाटिल के घर तक रोड और नाली बनाने के लिये उल्लेख था, परन्तु प्रत्यक्ष में वह काम नही हुआ।

 

उपरोक्त वहीं वाक्य पंचायत समिति के कनिष्ठ अभियंता , ग्राम पंचायत सरपंच और सचिव को भारी पड़ने वाला है। केंद्र सरकार के 14 वा वित्त आयोग की रक्कम को वहाँ ही उपयोग में लाया जा सकता है जहाँ के लिए टेंडर निकाला गया हो। जबकि ग्राम पंचायत उर्जानगर और पंचायत समिति के कनिष्ठ अभियंता ने ठीक विपरीत कार्य किया है। इस संदर्भ में संबधितों पर केस दर्ज भी हो सकता है और पद भी जा सकता है।

 

टेंडर निकला, काम नहीं हुआ और बिल निकल गया

  • शिकायतकर्ता द्वारा लिखित शिकायत में कहा गया था कि गजानन दरवे से उत्तम पाटिल तक बंद नाली व सीमेंट कंक्रीट रोड का काम के लिये महाराष्ट्र निविदा पोर्टल पर ई निविदा प्रसिद्धि हुआ था। ई निविदा तारीख 1 अप्रैल 2021 समय 1.18 बजे को खोला गया था। तब तीन कंट्रोक्टर्स में से सबसे कम 5.90% डाउन निविदा भरने वाले कॉन्ट्रैक्टर को काम दिया गया। 5.90% डाउन पर 16,59,596/₹ में काम दिया गया था।

 

टेंडर से भी ज्यादा निकला बिल

  • लिखित शिकायत में पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य देवेश गौतम ने आरोप लगाया था कि जिस जगह पर काम के लिए निविदा निकाला गया वहाँ पर काम नहीं हुआ, बावजूद निविदा की रक्कम 16,59,596/₹ के अतिरिक्त 3,40,404/₹ और ज्यादा यानि की कुल 20 लाख रुपये संबंधित को दे दिया गया।

 

निश्चित जगह पर काम भी नहीं हुआ और टेंडर में तय हुई रक्कम से भी ज्यादा यानी 20 लाख रुपये दे दिए गए। संबन्धित अभियन्ता कैसे क्या बगैर देखे मेजरमेंट बिल (एम.बी.) बनाया और कंप्लीलेशन सर्टिफिकेट (सी.सी.) कैसे क्या जारी किया गया ? ग्राम पंचायत सरपंच सचिव भी काम की जगह देखे बगैर रक्कम कैसे क्या जारी की? मांग की गई है कि गहनता से जांच हो और दोषी गुनाहगारों पर फौजदारी गुनाह दाखिल हो।