विमला और वणी के राजुर साइडिंग मे कोयले की अफरातफरी.!

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विमला और वणी के राजुर साइडिंग मे कोयले की अफरातफरी.!
मनसे जिला उपाध्यक्ष राजु कुकडे का आरोप

चंन्द्रपुर/महाराष्ट्र
दि. 08 जनवरी 2021
पुरी खबर:- महाराष्ट्र मे सबसे ज्यादा कोयला खान चंन्द्रपुर जिले के वरोरा भद्रावती, चंन्द्रपुर बंल्लारपुर  और यवतमाल जिले के वणी तहसील  इन तहसील मे होने से इन जगहों पर परप्रांतीय ठेकेदार और ट्रांसपोर्ट कंम्पनीया है। कोयले की चोरी मे इनकी अहम भूमिका है इन जगहो से कोयला रेल्वे साइडिंग के माध्यम से मध्यप्रदेश गुजरात और महाराष्ट्र के अन्य जगहों के बिजली निर्मिति केन्द्र जाता है। मुख्य मुद्दा यह की वकोलि से यह कोयला सिधे तौर पर बिजली केन्द्रों मे जाना चाहिए पर कोयले की चोरी करने के लिए बकायदा ”विमला रेल्वे साइडिंग” तडाली और वणी तहसील के राजुर निजी रेलवे साइडिग लेजाकर खाली किया जा रहा है। वहा लेजाकर बडा कोयला अलग निकालकर रखा जाता है और कोयले की चुरी कोयले की राख और कोल वाँशरिज का रिजेक्टेड कोयला मिलाकर वह कोयला बिजली कंपनियों को भेजा जा रहा है। जिसमे हर रोज हजारो टन कोयले की चोरी कि जा रही है। जिसमे सभी बिजली कंपनीयो के अधिकारी ट्रांसपोर्ट कम्पनियों को टेन्डर देते समय शर्त रखी है की हमारे प्लांट मे कोयला सप्ताय करने के लिए सिर्फ विमला साइडिंग और वणी तहसील के राजुर रेलवे साइडिंग से होकर हि कोयला पहुचाना है।

यदि सिधे सप्लाय करना हो तो विमला साइडिंग, राजुर साइडिंग के मैनेजर की NOC  जरुरी है।

अब यह सवाल खडा हो रहा है की  सरकारी काम के लिए, निजि कोयला साइडिंग से NOC लेने की जरुरत क्यों पड रही है?

इसका सिधा सा अर्थ यह है की दोनो हि निजी कोयला साइडिंग मे बिजली कम्पनियों के अधिकारी और कोयला व्यापारीयो की सहमति से बडि सख्या मे कोयले की अफरातफरी की जा रही है। यह शिद्ध हो रहा है यह बिजली कम्पनी केन्द्र के आदेश के विरोध मे बालाजी वेंचर प्रा. लि. मुबंई उच्चन्यायालय नागपुर खंडपीठ मे याचिका दाखिल की गई है जिसकी सुनवाई 11 जनवरी को है।

इस अफरातफरी की जाच सीबीआई के द्वारा की जानी चाहिए ऐसी माग मनसे जिला उपाध्यक्ष राजु कुकडे ने प्रेस क्लब मे कहा है।

पत्रकार परिषद मे राजु कुकडे ने कहा की कोयले के यह कारोबार मे  प्रशिद्ध उद्योग पती विकास कुमार उर्फ विक्की जैन है इनका महावीर कोल वाशरी यह कम्पनी को मध्यप्रदेश पावर जनरेशन लिमिटेड इस पावर प्लांट को 4 लाख टन कोयला 6 माह मे पहुचाने का टेन्डर मिला है जिसमे कम्पनी ने 50℅ कम दर मे टेन्डर लिया है यह भी संदेहास्पद है।