निलजई कोयले का झोल.. कुबेर वर्मा की अग्रीम जमानत मंजूर? अब जांच किस दिशा में..!

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निलजई कोयले का झोल..  कुबेर वर्मा की अग्रीम जमानत मंजूर? अब जांच किस दिशा में..!

यवतमाल/महाराष्ट्र
दि. १९ अप्रैल २०२१

पूरी खबर :- यवतमाल जिले के वणी तहसील में स्थित निलजई कोयला खान में बीते 18 मार्च को हुए कोयला अफरा-तफरी प्रकरण में 7 अपराधियों को घटनास्थल से पकड़ा गया था इसी घटना में फरार अपराधी कुबेर वर्मा और शहजाद शेख पिछले लगभग 1 माह से पुलिस की गिरफ्त से दूर रहने में कामयाब रहे हैं।  जैसा कि हम आपको बता चुके हैं कि कानून के हथकंडों के इस्तेमाल करने में माहिर अपराधियों को आखीरकार पांडरकवडा न्यायालय से कुबेर वर्मा को अंतरीम जमानत मंजूर हो गई है। ऐसा हमारे सूत्रों द्वारा पता चला है।


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कुबेर वर्मा की अग्रीम जमानत मंजूर होने से पुलिस की जांच अब किस दिशा में जाएंगी? या आगे की जांच यहीं दम तोड देगी? ऐसा प्रश्न आज निर्माण हो गया है.

जिसका प्रमुख कारण यह है कि पूरे प्रकरण में पुलिस प्राईड मेटल इंडस्ट्रीज के मालिक शहजाद शेख और वंदना ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक कुबेर वर्मा जो कि पूरे अफरा-तफरी प्रकरण में मुख्य भूमिका में नजर आ रहे थे। कोयले की बंदरबांट में सामिल किरदार तक पुलिस इन्हीं के माध्यम से पहुंच सकती थी और निलजई कांटे मे जमा अन्य डिपो की अफ़रा-तफ़री का भी पता लगाया जा सकता था। अब पर्दे के पीछे के किरदारों तक पुलिस का ना पहुंच पाना जांच कर्ताओं की जांच पर संदेह उत्पन्न करता है? अन्य डिपो में हुई अफ़रा-तफ़री के बारे मे सिर्फ कुबेर वर्मा ही बता सकता था। और कुबेर वर्मा को अंतरीम जमानत मंजूर होने से अफरा तफरी के माल को किन प्लाट धारकों को बेचा गया है यह कुबेर वर्मा के पकड़े जाने के बाद सामने आ पाता।

सिर्फ तीन गाड़ीया पकड़ पुलिस सुर्खियां बटोर चुकी है पर अफरातफरी के 93 गाड़ियों का क्या?

इस पूरे प्रकरण की लागत को गिरी द्वारा मैनेज किया गया है जिससे गिरी के काले कारनामों का खुलासा आगे ना हो.

इस प्रकरण की जांच सीआईडी करें. ऐसी मांगे आज जनता में उठ रही है.