कोयले का झोल… कुबेर वर्मा और शहजाद शेख पर वणी पुलिस खास मेहरबान ? निलजई खाण कोयला अफरातफर का झोल!

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निलजई खाण कोयला अफरातफर का झोल! कुबेर वर्मा और शहजाद शेख पर वणी पुलिस खास मेहरबान ?

निलजई खान कोयला अफरा-तफरी का झोल…!

महाराष्ट्र/यवतमाल
दि.१८ अप्रैल २०२१

फरार कुबेर वर्मा यवतमाल जिले के कोर्ट में जाता है तारीख पर और चंद्रपूर में घुम रहा खुलेआम !

पुरी खबर :-  १८ मार्च को यवतमाल जिले के वणी तहसील निलजई कोयला खान मे वणी पुलिस द्वारा पकडे गये कोयला हेरा-फेरी के फरार आरोपी वंदना ट्रान्सपोर्ट का संचालक कुबेर वर्मा और प्राईड मेटल इंडस्ट्रिज का संचालक मुख्य आरोपी शहजाद शेख पर वणी पुलिस खास मेहनबान होने के संकेत मिले है. मिली जानकारी के अनुसार फरार कुबेर वर्मा न्यायालय में दाखिल केस के तारीख के लिये यवतमाल जिले के पांढरकवडा तहसील के कोर्ट में हाजिरी लगाने जाता है। इसके साथ चंद्रपूर जिले के घुग्घूस में जहां वंदना ट्रान्सपोर्ट के मुख्य कार्यालय है वहां रोज ही आता है तथा चंद्रपूर जिला तथा वणी में स्थित कोयला खदानों में उसकी आवा-जाही ज्यों के त्यों है.

फरार होने के बाद भी वणी पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही है?

  • इसी तरह निलजई कोयला खदान के कोयला हेरा-फेरी प्रकरण के मुख्य आरोपी प्राईड मेटल इंडस्ट्रिज के संचालक शहजाद शेख का है. उसे भी आज तक वणी पुलिस धरदबोंच ने में कामयाब नही हुई है. बताया जाता है कि, कोयला हेरा-फेरी के और कई मामले शहजाद शेख पर दाखिल है. इन दोनो आरोपीयों का पकडा जाना राष्ट्रीय संपत्ती कोयले की लुट की रोख-धाम में कारगर साबित हो सकती है. क्या वणी पुलिस ने इन दोनो फरार आरोपीयों को खास छुट तो नही दे रखी है? ऐसा सवाल आज वणी पुलिस पर नागरिकों द्वारा उठाया जा रहा है.

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चंद्रपुर पुलिस उत्तरप्रदेश से आरोपीयों को ला सकती है, तो वणी पुलिस कुबेर वर्मा और शहजाद को क्यों नही?

  • पिछले माह चंद्रपुर जिले की वरोरा तालुका के टेमुर्डा गांव में बैंक डकैती हुई. इस डकैती के कुख्यात आरोपीयों को चंद्रपुर एलसीबी दल ने सिर्फ १४ दिन में उत्तरप्रदेश के एक तहसील में जाकर धरदबोचा. दुसरे राज्य से चंद्रपुर पुलिस आरोपीयों को बंदी बना सकती है, तो वणी पुलिस राष्ट्रीय संपत्ती को लुट रहे इन कोयला हेरा-फेरी के अपराधियों को क्यों नही दबोच रही है?
  • यह सवाल यवतमाल जिले की पुलिस को संदेह के घेरे में ला रहा है. पिछले कुछ महिने से महाराष्ट्र पुलिस को काफी बदनामी झेलना पड़ रहा है. अपनी धुमील होती छवी सुधारने के लिये पुलिस को काफी मशक्त्तों का सामना करना पड़ रहा है. आरोपीयों से सांठगांठ के आरोपों से पुलिस विभाग ने दुर ही रहना चाहिये, ऐसी अपेक्षा नागरिकों की पुलिस से है.