निलजई कोयला प्रकरण, मुख्य अपराधी शहजाद और कुबेर वर्मा अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर?

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मुख्य अपराधी शहजाद और कुबेर वर्मा अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर?

यवतमाल/महाराष्ट्र

दि. 02 अप्रेल 2021

यवतमाल जिले की घुग्घुस में स्थित निलजई खान में घटित कोयला हेरा फेरी की घटना के मुख्य अपराधी शहजाद और कुबेर वर्मा 15 दिनों बाद भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुबेर वर्मा और शहजाद शेख के पकड़े जाने के बाद ही आगे के 93 गाड़ियों से उठाए गए कोयले का रहस्य खुल सकता है। जिसमें वणी के प्लॉट धारक, चंद्रपुर के प्लाट धारक और कापसी नाके के प्लाट धारको का रहस्य इनके पकड़े जाने के बाद ही सामने आ पाएगा। आगे की जांच के लिए इन फरार अपराधियों का पकड़ा जाना जरूरी है। जिससे घोटाले की अन्य कड़ियां भी सामने आ सकती है। राष्ट्रीय संपत्ति की हेरा-फेरी कर पैसा बना और फिर सरकार को करोड़ों का चुना लगाकर, कानुन के हथकंडों का उपयोग कर छुट जाना, जैसे इनके लिए आम हो गया हो।

 

बाकी उठाया गया कोयला कहां?

‌डि ओ नः 00033 और डि ओ नंः 00037 दोनों ही डि ओ में प्राइड मेटल इंडस्ट्रीज के लिए निलजई खदान से निकले लगभग 96 कोयले के ट्रक और इसमें से तीन ट्रकों का पकड़ा जाना और उन ट्रकों में 71 टन कोयले का पकडा जाना और उन्ही डि ओ के बाकी के बिके हुए माल का पता ना लगना, जिसका पता लगाना आज बहुत ही जरूरी है। जिससे आने वाले समय में इस अवैध कोयले के व्यापार को बढ़ावा देने में अंकुश लगाने की ओर एक अहम कदम होगा जिससे भविष्य में इस प्रकार का घोटाला ना हो और इन व्यापारियों के लिए एक सबक भी साबित हो सकता है। आज पुलिस प्रशासन को खाली हुए लगभग 93 ट्रकों के कोयले का भंडाफोड़ करने के लिए कुबेर वर्मा और शहजाद पर शिकंजा कसना जरुरी है। ऐसा कर पुलिस सरकार का राजस्व भी बचा सकती है और इसमें लिप्त बाकी के अवैध कोयला व्यापारियों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है जिससे आने वाले समय में और कई कोयला व्यापारियों को सबक सिखाने मे यह जांच अहम साबित हो सकती है।