महाराष्ट्र ट्रेफिक पुलिस की व्यवस्था पर उठाए सवाल, वीडियो वायरल कर महाराष्ट्र के सीएम से लगाई मदद की गुहार

1111

महाराष्ट्र
पूरी खबर :- आज कल पूरे ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों तक एक वीडियो व्हाट्सएप फेसबुक द्वारा पहुंचाया जा रहा है. उस वीडियो को हर ट्रांसपोर्टर एक दूसरे को शेयर कर यह मैसेज पहुंचा रहा है। इस वीडियो में एक ट्रक चालक महाराष्ट्र के सीएम से मदद की गुहार लगा रहा है। जिसमें वह अपना नाम शंकर बता रहा है और वह अपना पता राज्य का नाम तेलंगाना बता रहा है.


2G ,3G के बाद गिरी जी का घोटाला आया सामने, वणी में धरे गए तीन कोयले से भरे ट्रक

https://www.globalmaharashtranews.com/2021/03/20/breaking-news/1830/


वायरल वीडियो में ड्राइवर आपबीती बताते हुए शंकर ड्राइवर  महाराष्ट्र में ट्रक का आगमन करते ही बॉर्डर पर, या अन्य हाईवे पर , महाराष्ट्र पुलिस के कर्मियों को अपने गाड़ी के पेपर दिखाने पर सरकार द्वारा सभी पेपर मान्य रहने के बावजूद, महाराष्ट्र पुलिस उनसे पैसा मांगती है, यदि वे सभी मान्य पेपर का हवाला देते है, तब महाराष्ट्र ट्रेफिक पुलिस उनसे पैसा मांगती है यदि पैसा नहीं देने पर उन्हें मारा-पीटा जाता है। ऐसा वीडियो वायरल कर महाराष्ट्र ट्रेफिक पुलिस पर शंकर नामक तेलंगाना के ड्राइवर ने आरोप लगाया है।

शंकर ड्राइवर महाराष्ट्र के सीएम को निमंत्रण दे रहा है कि आप तेलंगाना में आइए और आप हमारे स्टेट के सीएम का काम देखिए। इस वीडियो से महाराष्ट्र की ट्रैफिक पुलिस पर भ्रष्टाचार के आरोप की घटना सामने आई है। इस वीडियो की जांच होनी चाहिए ऐसी चर्चा आज ट्रांसपोर्टरों व्यापारियों में चल रही है।

कुछ दिन पूर्व भी एक ऐसा ही वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उस ड्राइवर ने ट्रैफिक पुलिस का एक वीडियो बना दिया था। और उसने भी कहा था कि मेरी गाड़ी के सभी पेपर वैलिड है, और मेरी गाड़ी में सिर्फ 3 सीट है, फिर भी ट्रैफिक पुलिस उसके गाड़ी का चालान बना रही है। विडियो देखने पर पता चलता है की वायरल विडियो किसी लोकल गाड़ी वाले ने बनाया हैै पर अभी तक उस पुुलिस कर्मि पर कार्यवाही?  पूरे महाराष्ट्र में ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था की किरकिरी कर चुका है।

भारत सरकार का आदेश :- प्राप्त जानकारी के अनुसार कोरोना काल के कारण गाड़ियों के पेपर की समय सीमा केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दी है। जीन पेपरो की समय सीमा लॉकडाउन के दौरान समाप्त हो चुकी थी, उन्हें और आगे 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है। फिर भी ऐसी घटनाएं ऐसे वीडियो वायरल होना महाराष्ट्र सरकार की ट्रैफिक व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह खड़े करता है।