2G ,3G के बाद गिरी जी का घोटाला आया सामने, वणी में धरे गए तीन कोयले से भरे ट्रक

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यवतमाल/महाराष्ट्र

यवतमाल :- दिनांक 18 मार्च 2021 को पुलिस के सूत्रों द्वारा सटीक खबर मिली की, यवतमाल जिले में वणी स्थित निलजई कोयला खान से बुटीबोरी स्थित प्राइड मेटल इंडस्ट्रीज एमआईडीसी नागपुर यहां के डी.ओ का कोयला लाल पुलिया वणी में पहुंचाया जा रहा है। इस खबर के आधार पर डी.बी टीम और अमलदार को भेजा गया। भेजी गई टीम ने लाल पुलिया वणी, वर्धमान कांटे के बाजू के प्लाट मे MH34-AB- 5475, MH34-AB-3174, MH34-AV- 0992 इन गाड़ियों का कोयला नीलजई खान से भरा गया। जो बूटीबोरी नागपुर के प्राइड कंपनी का है. और यह लोग प्राईड कंपनी का कोयले की अफरा-तफरी कर वणी के प्लाट पर खाली कर रहे हैं। ऐसा चोरी का खुलासा सामने आने पर पुलिस ने तीनों ट्रकों को जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिसमें 7 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं। और घुग्घुस वंदना ट्रांसपोर्ट का मालिक अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

 

  • आरोपियों के नाम :-
  1. ट्रक चालक रामविलास राम लखन भारद्वाज उम्र 33 वर्ष,
  2. ट्रक चालक अमरनाथ गया प्रसाद निषाद उम्र 28 वर्ष,
  3. मुकेश कुमार गणेश चौधरी उम्र 42 वर्ष,
  4. कोयला टाल व्यापारी इमरान कमरुद्दीन सैयद उम्र 42 वर्ष,
  5. अब्दुल कलीम उर्फ बबलू भाई शेख कासम उम्र 52 वर्ष,
  6. सुनील शामराव काळे उम्र 42 वर्ष,
  7. अटल बिहारी लोकेश्वर गिरी उम्र 40 वर्ष
  8. अन्य दो ट्रांसपोर्टर जो कि अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

जप्त कोयले की कीमत :-

  • वणी कोयले टाल पर जप्त किए गए तीन ट्रक की कीमत 30 लाख और ट्रक में से जप्त किए गए कोयले के वजन 75. 4 6 टन जिसकी कीमत 3 लाख 77 हजार 300 सौ जिसकी कुल कीमत 33,77,300 का पुलिस द्वारा माल जप्त किया गया है।

 

यह कार्यवाही :-

  • मा. दिलीप पाटिल भुजवळ सहायक पुलिस अधीक्षक यवतमाल, मा. खंडेराव धरणे सहा. अपर पुलिस अधीक्षक यवतमाल, मा. संजय पूजलवार सहा. उप वि.पुलिस अधीक्षक वणी इनके मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक वैभव जाधव, डी.बी के इंचार्ज पुलिस उप निरीक्षक गोपाल जाधव, पुलिस उपनिरीक्षक शिवाजी टीपुर्णे पुलिस हा. सुदर्शन वानोळे, सुनील खंडागळे, सुधीर पांडे, रत्नमाला मोहाडे, हरेंद्र भारती, पंकज उंबरकर, दीपक, पुरुषोत्तम डडमल ने इस कार्रवाई को किया है।

 

  • बार बार कोयला घोटाला और सरकारी तंत्र का कोयले के घोटालों से आंखें घुमाना, यह प्रमाण देता है, कि इन घोटाला करने वालों की जड़े कितनी मजबूत है। इन गाड़ियों के पकड़े जाने के बाद यह साबित भी हो चुका है। इसके पहले चंद्रपुर के नगाड़ा में पकड़ी गई 26 गाड़ियों पर कार्यवाही कैलाश अग्रवाल नामक व्यापारियों का किस्सा तो हर ट्रांसपोर्टर के जुबान पर था। वहीं जांच के बाद मलिया मेट होती तांत्रिक गतिविधियां भी सुर्खियां बटोर चुकी है।

पर क्या फिर “वही डाल के तीन पात” वाला मुहावरा इन पर तो सब सटीक लागू होता है।

 

  • वणी में यह खुलासा होने के बाद दम भर रहे अधिकारियों की जांच की सीमा कितने सफेद पोशो तक पहुंच पाती है। यह जांच के बाद देखने योग्य होगा धनकुबेर जैसे ट्रांसपोर्टरों का सहयोग इस काले कारोबार को उजाला प्रदान करता रहा है।
  • गिरी जो कुछ वर्ष पहले किसी कंपनी में साधारण सुपरवाइजर पद पर कार्यरत था, आज वही इतने बड़े कार्य को अंजाम दे रहा है। यह पुलिस द्वारा खुलासा करना किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं? ऐसी चर्चा आज हर ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों में है।

तालाब के मगरमच्छो के सामने मछलियों का दुस्साहस बर्दाश्त के बाहर होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।

 

प्रमुखता जांच के आधार पर :-

  • सातों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया यदि पुलिस को आरोपियों का पीसीआर मिलता है, तो और भी कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। जो आज उस डी.ओ के उठे हुए माल के बंदरबांटो का भी पता लगाकर जनता के समक्ष रखना पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा पर आधारित है।