अंडरवर्ल्ड ड्रग्स कनेक्शन मामले की जांच, “मुम्बई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो” हो सकती है दाऊद के भाई की गिरफ्तारी

652

अंडरवर्ल्ड ड्रग्स कनेक्शन मामले की जांच, “मुम्बई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो” हो सकती है दाऊद के भाई की गिरफ्तारी

मुंबई/महाराष्ट्र :- अंडरवर्ल्ड ड्रग्स कनेक्शन मामले की जांच कर रही मुम्बई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यानि एनसीबी ने दाऊद इब्राहिम के भाई अनीस इब्राहिम के करीबी और बड़ा ड्रग्स माफिया मोहम्मद हुसैन बिलाल उर्फ तेलवाला पर लगातार टेढ़ी नजरें गड़ाए हुए है.

तेलवाल मुम्बई में छिपा :-  तेलवाला की तलाश में मुम्बई और पुणे में एनसीबी के द्वारा लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है. एनसीबी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक तेलवाला मुंबई में ही कहीं छुपा हुआ है, क्योंकि उसके गायब होने के तुरंत बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया था. सूत्रों की मानें तो तेलवाला के मुम्बई में होने के सुराग एनसीबी को मिले हैं, यही वजह है कि उसे पकड़ने के लिए एनसीबी लगातार सर्च ऑपेरशन चला रही है.

कई राज पर से उठ सकता है पर्दा :- मुम्बई एनसीबी के ज्वाइंट डॉयरेक्टर समीर वानखेड़े ने बताया कि तेलवाला की तलाश में एनसीबी लगातार सर्च ऑपेरशन चलाए हुए हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. तेलवाला की अंडरवर्ल्ड ड्रग्स कनेक्शन मामले में भूमिका काफी अहम है और वह इस सिंडिकेट का हिस्सा है. उसकी गिरफ्तारी होने के बाद कई और राज का पर्दाफाश हो सकता है.

पुणे में हुआ अंडरग्राउंड :- दरअसल अंडरवर्ल्ड ड्रग्स कनेक्शन मामले की जांच कर रही एनसीबी को तेलवाला के बारे में जानकारी मामले में गिरफ्तार आरिफ भुजवाला के मोबाइल फ़ोन से मिली थी, लेकिन उस तक एनसीबी जब तक पहुंचती, तेलवाला मुम्बई के जोगेश्वरी इलाके के अपने घर से फरार हो चुका था. एनसीबी के मुताबिक वह मुम्बई से भागकर पुणे में अंडरग्राउंड हो गया था. कुछ दिन बाद वह चोरी-छिपे पुणे से फिर मुम्बई अपने घर पहुंचा और अपनी बीवी और बड़े बेटे को लेकर फिर से फरार हो गया, हालांकि उसने अपने कैंसर पीड़ित बेटे को घर पर ही छोड़ दिया.

इस बार भी एनसीबी जब तक उसके घर पहुंची, वह फरार हो चुका था और उसने अपना मोबाइल तब से स्विच ऑफ रखा हुआ है. ऐसे में ड्रग्स किंगपिन कैलाश राजपूत की तरह विदेश न भाग जाए, इसके लिए एनसीबी लगातार सर्च ऑपेरशन चला रही है. एनसीबी के मुताबिक तेलवाला का परिवार भी ड्रग्स नेक्सस का हिस्सा है.

कैसे सामने आया तेलवाला का नाम?

बता दें कि एनसीबी ने जब आरिफ भुजवाला के मोबाइल को खंगाला था, तब उसके मोबाइल में मिले चैट्स से तेलवाला का नाम सामने आया था. तेलवाला अपनी पहचान छुपाकर और एक एप्लीकेशन के जरिए औरतों की आवाज में ड्रग्स पेडलरों को ड्रग्स सप्लाई करता था. वह ड्रग्स पेडलरों से श्वेता नाम से बात करता था. जानकारी के मुताबिक आरिफ भुजवाला को जब भी ड्रग्स की कमी पड़ती थी तो वह तेलवाला से ही मंगवाता था. तेलवाला को 2011 में एंटी नारकोटिक्स सेल ने गिरफ्तार किया था, लेकिन उसके बाद उसकी कभी गिरफ्तारी नही हो पाई.