ब्राम्हण समाज की विविध मांगों को लेकर जिला अधिकारी को ज्ञापन

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      ब्राम्हण समाज की विविध मांगों को लेकर जिला अधिकारी को ज्ञापन

रिपोर्टर:- रमाकांत यादव जिला प्रतिनिधि ग्लोबल महाराष्ट्र न्यूज नेटवर्क                              
दिनांक:-१७/१२/२०२३
चंद्रपुर/ महाराष्ट्र

                                                           

पूरीखबर:  दिनांक 15/12/2023 को *हिंदी ब्राम्हण समाज चंद्रपुर की ओर से चंद्रपुर के  जिलाधिकारीको ब्राम्हण समाज के विविध मांगों को लेकर  ज्ञापन दिया गया।

    ब्राह्मण समाज यह आर्थिक रूप से बहुत पिछड़ा हुआ है। इसलिए, इस समुदाय के युवाओं को व्यवसाय करने का अवसर देने और अन्य मांगों को लेकर हिन्दी ब्राह्मण समाज बहुद्देशीय संस्था, चंद्रपुर ने श्री विनोद कुमार तिवारीजी  के नेतृत्व मे जिलाधिकारी चंद्रपुर को निवेदन दिया है।
   ब्राह्मण समुदाय, जो ग्रामीण इलाकों में रहता है, रोजगार के लिए परप्रांत तथा अन्य शहर की ओर पलायन कर रहा है। अत: ब्राह्मण समाज का मुख्य कार्य पुजा पाठ, अर्चना, पुरोहितत्व, शिक्षा तथा पाठशाला चलाना है जो उनके हाथ से चला गया है। इस कारण ब्राह्मण समुदाय के युवा बेरोजगारी के  दौर से गुजर रहे है।

इसी उद्देश्य से विविध प्रकार की मांगों को लेकर मा.जिलाधिकारी को निवेदन दिया गया,जिसके कुछ बिंदु इस प्रकार है….

1) ब्राम्हण पुरोहित, अर्चक, पुजारियों की मंदिर में नियुक्ति कर उन्हे न्यूनतम प्रतिमाह दस हजार रूपए मानधन दिया जाये।
2)  ब्राम्हणो का सामाजिक सम्मान बनाए रखने के लिए विशेष कायदा बनाकर उन्हें वैधानिक संरक्षण प्रदान किया जाए।
3)  भगवान परशुराम वित्तीय विकास महामंडल बनाकर उसमें दस हजार करोड़ रुपए के कोष का प्रावधान किया जाए।
4)  ब्राम्हण समाज के विद्यार्थीयो को उच्च शिक्षा तक निशुल्क शिक्षा देने का प्रावधान किया जाए।
5)  ब्राम्हण समाज के लिए स्वरोजगार योजनाएं सरकारी स्तर पर तथा निजी संस्थानों में विशेष योजना कर रोजगार दिलाने  प्रावधान किया जाए।
6 ) कई सामाजिक तथा राजनीतिक मंचो से ब्राम्हण वाद, मनुवाद के नाम से अपशब्द बोल कर ब्राह्मणों को मानसिक रुप से प्रताड़ित किया जाता हैं, उनके खिलाफ जातिवाद विरोधक अत्याचार कानून बनाकर ब्राम्हण समाज को सुरक्षा प्रदान किया जाए।
7)  सामाजिक स्तर से ब्राम्हण समाज को उच्च जाति कहते हैं, उनमें उच्च क्या है? और उन्हें उच्च कहने का आधार क्या है? इस पर सरकार स्पष्टता प्रदान करें।
8)  ब्राम्हण समाज को शिक्षा के लिए हर जिला  स्तर पर निवासी विद्यालय या सरकारी छात्रावास की निशुल्क सुविधा प्रदान किया जाए।
9)  बेघर ब्राह्मणों को सरकारी गृह आवंटन योजना में आरक्षण प्रदान किया जाए।
10)  भूमिहीन ब्राह्मणों को खेती प्रदान की जाए।
11)  गौशाला की योजना बनाकर ब्राह्मणों को  कृषि, फार्म हाऊस प्राथमिक स्तर पर आवंटीत किया जाए एवम उसके लिये अन्य संसाधन दिए जाए।
12)  ब्राह्मण समाज को विशेष अल्पसंख्यक विलुप्त श्रेणी में संरक्षित किया जाए।
13) संस्कृत वेद पाठशाला के लिए ब्राम्हण समाज को समस्त संसाधन आवंटीत किया जाए।
14)  सभी विद्यालयो  में संस्कृत विषय शिशु वाटीका स्तर से कक्षा दसवी तक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाने कि व्यवस्था की जाए।
15)  जिला स्तर पर वेद, पुराण, उपनिषद, आर्ष ग्रंथ के अध्ययन के लिए स्वतंत्र “आदी गुरु शंकराचार्य शोध एवम अध्ययन केंद्र” की स्थापना किया जाए।
 निवेदन देते समय हिंदी ब्राम्हण समाज के पंडित मथुरा प्रसाद पांडे, डॉक्टर शैलेंद्र कुमार शुक्ला, धीरेंद्र कुमार मिश्रा, सुभाष त्रिपाठी, रजनीश त्रिपाठी, सुरेंद्र तिवारी, कृपाशंकर उपाध्याय, अशोक शर्मा, अशोक मिश्रा, दुर्गेश चौबे, अनंत तिवारी, आलोक त्रिपाठी, जयप्रकाश दुबे, मिथिलेश पांडे, श्रीकांत उपाध्याय, दीपक पाठक, सुमित मिश्रा, प्रकाश उपाध्याय, श्यामलाल पांडे, उमेश दुबे,संजय पांडे, इंद्रमनी पांडे, राकेश तिवारी, युगेशन पांडे, मनीष पांडे, दुर्गाप्रसाद गौतम, सोनू शुक्ला, सुनील मिश्रा ,सुमित शुक्ला, विनय कुमार मिश्रा, सुनील मिश्रा, तरुणेद्र त्रिपाठी, संतोष त्रिपाठी, राम भवन त्रिपाठी, नरेंद्र मिश्रा, अशोक कुमार तिवारी, ब्रिजेश तिवारी, अशोक मिश्रा,व अनेकों परिजन प्रमुखता से उपस्थित रहे।