शिकारियों का शिकार बनी गौवंश.!!

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शिकारियों का शिकार बनी गौवंश.!!

गाय का जबड़ा हुआ क्षतिग्रस्त, इलाज के जाने के दौरान गाय ने दम तोड़ा.!

शुअर के शिकारियों ने आटे मे बम बनाकर रखा था?

चंद्रपुर/महाराष्ट्र
दि. 22.05.2023
रिपोर्ट:- जिला संवाददाता, चंद्रपुर

पुरी खबर चंद्रपुर : घुग्घुस शहर की माउली मंदिर के पास एक गाय का मुंह बुरी तरह फटा हुआ लोगो को नजर आया. गाय को इस हालत में देखकर कई लोगों स्तब्ध रह गए . स्थानिकों ने बजरंग दल के कार्यकर्ता विजय कपूर सिंग और उनके टीम को इसकी जानकारी दी. गाय को गंभीर हालत देखते हुए विजय कपुर ने प्यारी फाउन्डेशन से सम्पर्क साधाते हुए गाय को  इलाज के लिए जाने के दौरान रास्ते मे गया का खुन ज्यादा बह जाने और सर का भाग बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने की वजह से गाय की मृत्यु हो गई. तत्पश्चात विजय कपुर ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ घुग्घुस पुलिस स्टेशन में गुनाह दर्ज कराया।
इस घटना से पहले भी ऐसी घटना घटित हुई.!

चंद्रपुर जिले के घुग्घुस में दिल दहला देने वाली यह दूसरी घटना हुई है. इस घटना में गाय का जबड़ा चकनाचूर हो गया है. यह घटना 20 जुन 2023 शाम 5 बजे के आस पास लोगों के नजरों में आया है. इससे पूर्व 13 जून 2023 को भी इसी प्रकार का मामला प्रकाश में आया था. उस घटना में दो दिनों तक गाय का इलाज चला, आख़िरकार दो दिनों बाद गाय ने दम तोड दिया। नागरिकों की माने तो यह दोनो गाय घुग्घुस नगर परिषद कार्यालय के कुछ मीटर के आस पास ही दिखाई दिए. जो चिंता का विषय बनी हुई है.

आटे में बारुद का बम इस्तेमाल करते शिकारी?

जानकारी के अनुसार जंगली शुअर का शिकार करने के लिए अवैध शिकारी आटे में बारुद का बम बनाकर जगंल या जंगल के आस पास जंगली शुअर का शिकार करने के लिए बम को झाड़ियों में रख देते हैं। और रात में जब जंगली शुअर द्वारा आटे में रखे बारुद को चबाते ही बम फट जाता है और जंगली शुअर मर जाने के बाद शिकारी उसे उठाकर ले जाते है। जंगली शुअर होने की वजह से शिकारियों का पता नहीं चल पाता है? चर्चा है कि शुअर के लिए रखा गया बम गाय ने खाया होगा और गाय के खाते ही बम फट जाने से गाय का जबड़ा पुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया जिससे गाय की मुत्तु हो गई है?

शिकारियों के बेखौफ कारनामे समाज और वन्य प्रणीयो के लिए घातक साबित होते जा रहे है वन प्रसासन का इन पर शिकंजा कसना जरुरी है, वरना आने वाले समय में इनके हौसले बुलंद रहेंगे और यह इसी प्रकार और बड़ी घटनाओं को अंजाम देते रहेंगे।

घायल गाय को देखकर लग रहा है कि हाथ से बने बम के फटने से हादसा हुआ है.!

  • परंतु ये बम गायों के मुंह में कैसे आया? जानवरों को कौन मारना चाहता है?

 

  • इसका पता लगाना जरूरी है? पहले भी हुए हादसे से वन प्रसासन सचेत क्यों नहीं हुआ?
  • इस घटना का जिम्मेदार कौन है? क्या उस पर कार्रवाई कर वन प्रसासन अपनी कर्तव्य निष्ठा दिखाएगा?

 

  • संबंधित अधिकारी इस घटना की जिम्मेदारी लेंगे? या ऐसी और घटनाओं के इन्तजार में है?