पावनी कोयला खदान से सखरी गांव के तालाब में मछलियों की मौत!

44

पावनी कोयला खदान से सखरी गांव के तालाब में मछलियों की मौत!

राजेश बेले ने कड़ी कार्रवाई की मांग की

 

चंद्रपुर/महाराष्ट्र 

दि. 22 मई 2024

रिपोर्ट : अनुप यादव, मुख्य संवाददाता 

पुरी खबर :- चंद्रपुर: पावनी वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) बल्लारपुर कोयला खदान से निकले खतरनाक रसायनों के कारण साखरी गांव के पास की झील में हजारों मछलियां मरीं पाई गईं है. इस घटना से साखरी गांव में मानव जीवन भी खतरे में पड़ गया है. संजीवनी एनवायर्नमेंटल सोशल सोसायटी के संस्थापक अध्यक्ष राजेश बेले ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

 

20 मई 2024 को, WCL की बल्लारपुर कोयला खदान से निकला एक खतरनाक रसायन सखरी गाँव झील में फैल गया था. इससे झील में हजारों मछलियां मर गईं. दूषित पानी के कारण हवा में खतरनाक गैस फैलने से साखरी गांव के लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा पैदा हो गया है. इसके अलावा, ग्रामीण डब्ल्यूसीएल द्वारा होने वाले खतरनाक वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और भूमि की क्षति से ग्रामीण पीड़ित हैं.

 

राजेश बेले ने डब्ल्यूसीएल पर कई आरोप लगाए हैं. डब्ल्यूसीएल द्वारा कोयला उत्खनन के दौरान खतरनाक वायु प्रदूषण किया जा रहा है। डब्ल्यूसीएल नालों में खतरनाक रसायन छोड़ कर पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन कर रही है। कोयला खदानों से निकलने वाली धूल, वायु प्रदूषण का कारण बन रही है. भारी यातायात भी वायु प्रदूषण को बढ़ा रहा है।

 

डब्ल्यूसीएल की बल्लारपुर कोयला खदान का पर्यावरण परमिट रद्द कर, डब्ल्यूसीएल पर मुख्य पर्यावरण अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में प्रबंधक और उप मुख्य प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए. डब्ल्यूसीएल द्वारा प्रभावित गांवों को हुए नुकसान का पर्याप्त मुआवजा दिया जाए आदि की मांग राजेश बेले ने की है।