चंद्रपुर शहर में द- बर्निंग ट्रेन की तरह दौडा 32 टन वजनी ट्रक

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चंद्रपुर शहर में द- बर्निंग ट्रेन की तरह दौडा 32 टन वजनी ट्रक

चंद्रपुर/महाराष्ट्र
दि. 01.08.2023
रिपोर्ट:- अनुप यादव ग्लोबल महाराष्ट्र न्यूज

पुरी खबर:- रविवार दि. 30 जुलाई की दोपहर 3 बजे के दौरान बल्लारपुर की ओर से 32 टन वजन भरकर चौदह चक्का  वाहन, नागपुर की ओर जाने के लिए निकला, वह वरोरा नाका पुल से होते हुए जनता कालेज सिग्नल के समीप पहुंचते ही ट्रक ड्राइवर को पता चला कि “उसके ब्रेक फेल हो चुके हैं..!”😵 अचानक सामने सिग्नल बंद..? और सामने दर्जनों गाड़ियों की कतार..?🤔 ,वह करें तो क्या करें…! ड्राइवरों के होश उड़ गए .

सामने खड़े दर्जनों वाहन, ट्रैफिक सिग्नल बंद, और अचानक ब्रेक फेल सोचिए क्या हुआ होगा..? यही वो एक पल मिलता है जिसमें ड्राइवर को अपनी काबिलियत और अनुभव का इस्तेमाल करना होता है.  🤔बस उस ड्राइवर ने यही  किया और एक पल में निर्णय लिया.  और सामने देखा कि सामने खड़े दर्जनों वाहनों के बाई ओर कुछ जगह ख़ाली है. और उस ओर कुछ ही लोग खड़े हैं, उसने अपनी पुरी छमता से वाहन को बाईं ओर मोड़ा और सिग्नल के बाई ओर खड़े वाहनों को रगड़ते हुए आगे निकल गया. अचानक हुए इस घटनाक्रम को देख लोग हक्के-बक्के रह गए. की लोगों को तो कुछ समझ ही नहीं आया, की यही हूआ क्या है.!

लोग वाहन चालक पर तुट पड़े..!

सिग्नल के कुछ दुरी पर वाहन चालक ने अपने वाहन को किसी तरह कंट्रोल कर बाई ओर खड़ा किया., की लोग उस पर पुट पड़े वाहन चालक असहाय होकर हाथ जोड़ क्षमा याचना करने लगा. हमने देखा वाहन चालक का सुरक्षा कवच उसका वाहन ही होता है. वाहन चालक ने अपने आप को वाहन में बंद कर  लिया पर उसे भी पता था कि वह अपने आप को ज्यादा देर तक अंदर बंद नहीं रख सकता है. भिड़ बेकाबू होती जा रही थी लोग दहाड़ते हुए उसे वाहन से बाहर निकलने का आव्कहन कर रहे थे. वह अंदर से ही लोगों को समझा रहा था कि मेरे वाहन का ब्रेक फेल हो चुका है इसमें मेरी कोई ग़लती नही है. वाहन के अंदर से हाथ जोड़ जोड़कर क्षमा याचना कर रहा था.

कर्मों का फल यही मिलता है…

कर्मों का फल यही मिलता है उस वाहन चालक ने अपनी बुझ बुझ से दर्जनों लोगों की जान बचाई पर अब उसके जान पर बन आई थी. कि इसी दौरान हमारे साथी ने उसकी समस्या को समझते हुए लोगों से आग्रह किया की भाईयों उसके ब्रेक फेल हो चुके है और उसने अपनी समझ बुझ से आप लोगों कि जान बचाई है.उस भिड़ में कुछ और भी वाहन चालक और मालक थे उन्होंने उसकी पीड़ा को समझा और इकट्ठा भिड़ को भी समझाया और वाहन चालक को निचे उतारा गया. उसके कर्म ही उसको बचाने में काम आए.

उसके वाहन की जांच करने पर पता चला कि सच में उसके ब्रेक फेल हो चुके थे उसका एअर ब्रेक सिस्टम पुरी तरह फेल था. वाहन में जमा होने वाली हवा का मीटर सिर्फ 2 पॉइंट बजा था.? जानकारी के अनुसार किसी भी बड़े वाहन को कंट्रोल करने के लिए उसमें हवा के टैंक में कम से कम 6 पॉइंट हवा होनी चाहिए. जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया की वाहन चालक संच बोल रहा है और उसने अपनी सूझबूझ से सिग्नल पर खड़े लोगों की जान बचाई है. यह एक तारीफ ए काबिल घटना भी थी. ड्राइवर की सूझबूझ से आज दर्जनों लोगों की जान बची वरना चंद्रपुर में यह घटना चर्चा का केंद्र बनती और उस ड्राइवर की चर्चा महीनों तक चलती और पीड़ित परिवार उसे कोसते रहते.

महान मालिक मुकरा..!!

प्रा मामला खत्म होते ही वाहन चालक से उसके मालिक का नंबर लेकर बात की गई और पुरी घटना की जानकारी दी गई वाहन मालिक ने आश्जिवासन दिया जिस किसी का नुक़सान हुआ होगा, वह उसके वाहन की नुकसान भरपाई देगा.  पर यहां वहां मालिक ने अब तक किसी के वाहन की भरापाई नहीं दि और समय निकलते ही घटना से कन्नी काटते दिखाई पड़ रहा है..?

हमारे द्वारा आन लाइन वाहन की जानकारी इकट्ठा करने पर वाहन CG-08AE-5522 गुरजीत सिंह भाटिया का है और वाहन छत्तीसगढ़ प्रात का है वहां स्थित दुकानों के सीसीटीवी ( CCTV ) के आधार पर घटना में नुकसान हुए वाहन चालकों ने एफ आय आय (FIR ) करने का मन बना लिया है यदि वाहनों मालिक ने उनके वाहन की नुकसान भरपाई से मुकरता है तो..?