देवी काली माता मंदिर उपेक्षित, मंदिर तक पहुंचने का रास्ते की दुर्दशा

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देवी काली माता मंदिर उपेक्षित, मंदिर तक पहुंचने का रास्ते की दुर्दशा

वेकोलि प्रबंधन का उदासीन रवैया

चंद्रपुर/महाराष्ट्र

दि.28 सप्टेंबर 2022

रिपोर्ट:- दुर्गापुर संवाददाता

पुरी खबर:- सोमवार से नवरात्रि पर्व की शुरूआत हुई है. सभी माता मंदिरों में श्रध्दालुओं द्वारा पूजापाठ के लिए तांता लगा रहा है. वहीं वेकोलि चंद्रपुर एरिया के पदमापुर सब एरिया अंतर्गत आनेवाले देवी काली माता मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रध्दालुओं को पथरीले रास्ते से चलकर जाना पड रहा है वहीं रास्ते के आसपास घनी झाडियों के कारण हिंसक प्राणियों का खतरा भी बढ गया है. इसके बावजूद वेकोलि प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से उदासीन रवैया अपनाये हुए है.

 

पुरोहित को हटा दिया गया?

  • यहां वेकोलि के अंतर्गत स्थित देवी काली माता मंदिर कई वर्षों से श्रध्दालुओं के आस्था का केन्द्र रहा है. पहले यहां एक पुरोहित को नियुक्त किया गया था. जिन्हें पिछले एक वर्ष से से अधिक समय से मानधन नहीं दिया गया. वेकोलि प्रशासन ने पुरोहित से मंदिर की चाबियां लेकर उन्हें पदमुक्त कर दिया. पूजा पाठ कराने की जिम्मेदारी वेकोलि के एक स्थायी कर्मी संभाल रहे है.

 

नवरात्रि में यहा श्रध्दालुओं का तांता लगा रहता है

  • हर वर्ष इस मंदिर में पेन्टी किया जाता रहा है और मंदिर के रख रखाव पर अच्छी तरह ध्यान दिया जाता रहा है पर इस वर्ष मंदिर को पेन्टी भी नहीं किया गया। क्या करण है?
  • नवरात्रि में यहा श्रध्दालुओं का तांता लगा रहता है. नवरात्रि में कई श्रघ्दालु विशेषकर महिलाएं, युवतियां उपवास रखकर नंगे पैर मंदिर पूजा के लिए पहुंचते है. ऐसे में मंदिर तक आने का रास्ता पूरी तरह उबाड खाबड और पथरीला होने से श्रध्दालुओं को ऐसे में मंदिर तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है.

जंगली प्रानीयो का हमले का खतरा बना हुआ है?

  • इसी तरह मंदिर तक के मार्ग पर के आसपास घनी झाडियां उग आयी है ऐसे में जंगल के रास्ते हिंसक प्राणी के यहां आकर छिपे होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. कई बार यहां तेंदूए और बाघ के भी दर्शन हो चुके है. ऐसे में वन्यजीवों का खतरा बढ गया है. यदि मंदिर में पुजा अर्चना करने भक्तों पर यदि जंगली प्रानीयो का हमला होता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? यह प्रश्न आज यहां की रहवासी उठा रहे है। मंदिर के प्रति वेकोलि प्रशासन के उदासीन रवैये से श्रध्दालुओं में वेकोलि प्रशासन को लेकर काफी रोष व्याप्त है.

श्रध्दालुओं के आस्था का सम्मान हो_तिवारी

  • भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के जिलाध्यक्ष रूद्रनारायण तिवारी ने इस संदर्भ में कहा कि देवी काली माता मंदिर से यहां के सैकडों श्रध्दालुओं की आस्था जुडी है. वेकोलि प्रशासन लम्बे समय से आस्था से खिलवाड करता आ रहा है. श्रध्दालुओं को मंदिर में आवागमन करने में जिस तरह की दिक्कतें पेश आ रही है. उसे देखते हुए वेकोलि प्रशासन ने तुरंत पूरे रास्ते का डामरीकरण करने की आवश्यकता है. यहां उग आई झाडियों के कारण वन्यजीवों के खतरे को देखते हुए इससे पूर्व भी वेकोलि प्रशासन को निवेदन देकर आगाह किया गया था परंतु वेकोलि प्रशासन पूरी तरह से लापरवाही बरत रहा है. नवरात्रि उत्सव के महत्व को देखते हुए मार्ग का डामरीकरण और जंगली झाडियों की साफ सफाई अत्यंत आवश्यकता है.