दुर्गापुर कॉलोनी वासी दीक्षाराज  यूक्रेन से घर पहुंची, घर में खुशी का माहौल.

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दुर्गापुर कॉलोनी वासी दीक्षाराज  यूक्रेन से घर पहुंची, घर में खुशी का माहौल.

चंन्द्रपुर/महाराष्ट्र
दि.06 मार्च 2022
रिपोर्ट:- दुर्गापुर सवांददाता

पुरी खबर:- वेकोलि दुर्गापुर में ओवर मैन के पद पर कार्यरत रणधीर अकेला की पुत्री दीक्षाराज अकेला यूक्रेन के विण्यतसिया शहर से कई दिनों के विभिन्न वाहनों बस , पैदल, फ्लाइट ,फोर व्हीलर के सफर के बाद  शनिवार  के सुबह में दुर्गापुर कॉलोनी स्थित अपने क्वार्टर  में पहुंची। दीक्षा राज अकेला पिछले कई दिनों से काफी जद्दोजहद के बाद  शुक्रवार को तड़के सुबह 4 बजे दिल्ली पहुंची थी। दिल्ली से नागपुर के लिये फ्लाइट के इंतजाम होने तक उन्हें दिल्ली के महाराष्ट्र भवन में ठहराया गया था। शनिवार के तड़के सुबह दिल्ली से नागपुर के लिए फ्लाइट से रवाना हुई। नागपुर में उनके माता पिता पहले से ही इंतजार कर रहे थे। सुबह के 10 बजे वेकोलि कॉलोनी दुर्गापुर स्थित अपने क्वार्टर पहुँची।
दीक्षाराज को यूक्रेन स्थित अपनी यूनिवर्सिटी से रोमानिया बॉर्डर तक आने में काफी मशक्कत करना पड़ा। जबरदस्त ठंडी और बीच बीच में हो रही बर्फ की बारिस के दौरान 5 किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ा। बस वालों ने बॉर्डर से 5 किलोमीटर पहले ही बस में बैठे सभी को उतार दिया था। यूक्रेन के बॉर्डर से रोमानिया तरफ पार होने के दौरान काफी दिक्कतें हुई। यों कहें कि पूरे सफर में  सबसे ज्यादा दिक्कत बॉर्डर पार करने के दौरान हुई। रोमानिया  से नागपुर तक भारत सरकार ने पूरी मदद की।
दीक्षाराज यूक्रेन स्थित विण्यतसिया नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एम बी बी एस चतुर्थ वर्ष के कोर्स कर रही थी कि तभी युध्द छिड़ गया। रूस और यूक्रेन के बीच भारी युद्ध के कारण दीक्षाराज अकेला अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही थी। इस कारण उनकी माँ पिता भाई सहित उनके रिश्तेदारों और शुभचिंतकों बेहद चिंतित थे। इधर उनके माता पिता चन्द्रपुर स्थित जिलाधिकरी कार्यालय से संपर्क में थे।
अब दीक्षाराज माँ पिता के पास है। कई दिनों की थकावट और तनाव के बाद आराम कर रही है।  अब चिंता यह है कि आगे की मेडिकल की पढ़ाई कैसे ,कहां और किस प्रकार पूरी होगी।