मंदिर उध्वस्त कर मंदिर की जगह पर निजी निर्माण कार्य? मामला पहुचा थाने. नागरिको की भावनाए आहत.।

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मंदिर उध्वस्त मंदिर की जगह पर निजी निर्माण कार्य? मामला पहुचा थाने.

नागरिको की भावनाए आहत.।

चंन्द्रपुर/महाराष्ट्र
दि.24 जनवरी 2022

पुरी खबर:- चंन्द्रपुर शहर के बाय पास रोड स्थित शिव मंदिर जो पिछले 38 सालो से स्थित है जिसमे शिव भगवान की मुरत की स्थापना 07 फरवरी 1983 की गई थी और इस मंदिर मे पुजा अर्चना पुजारी धरमपाल प्रजापति नियमित रुप से करते आए है वहीं शिव मंदिर के बाजू मे हि माता महाकाली मंदिर की भी स्थापना कि गई थी. विवाद यही है धरमपाल प्रजापति ने इस जगह को बेचा है और लेने वाला गौरव मंडल का कहना है की मैने जगह और मंदिर दोनो खरीदा और मंदिर मेरी निजी जगह पर है इसलिए मैने मंदिर को तोडा है हमारी ली गई जानकारी के अनुसार सास्तकार जो की मुल मालक जमीन का उसने मंदिर बनने के बाद सास्तकार जी ने मंदिर की जगह को दान मे दिया और बादस्तूर सात बारह मे नमुद सत्यम शिवम सुदरम मंदिर देवस्थान के अध्यक्ष धरमपाल प्रजापति और उपाध्यक्ष उदयभान प्रजापति के नाम कर दिया।

धार्मिक भावनाओं को आहत..!

स्थानीय नागरिकों का आरोप है की आज यह मंदिर को निजी स्वार्थ के कारण बकाया जगह को बेच कर स्थानीय नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत कर बेच दिया गया। जिसमे मंदिर  का पुजारी धरमपाल प्रजापति और उदयभान प्रजापति की अहम भुमिका है। इन्होंने मंदिर को दान मे दि गई जगह को बेच अपना स्वार्थ साध नागरिकों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। ऐसा आरोप स्थानीय नागरिक लगा रहे है। विषय की गंभीरता को देखते हुए कुछ बुद्धिजीवीयो ने तहसिलदार और मनपा आयुक्त को विषय से अवगत कराते हुए कार्रवाई का निवेदन सौपा  मनपा  मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कर्मचारियों को मंदिर तोडने के बाद किए जारहा काम को रुकवाया और सामान जप्त कर, आगे की कार्यवाही के निर्देश दिए।

सामने धरना आन्दोलन करेगे।

लगभग 38 साल पुराना मंदिर तोड, निर्माण कार्य करना और निजी स्वार्थ साधना से परिषर के नागरिकों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है ऐसा यहा के नागरिकों का कहना है। नगरिकों का कहना है की यदि मंदिर उसी जगह नही बनाया गया तो हम जिला अधिकारी कार्यालय के सामने धरना आन्दोलन करेगे।