नशा जिले मे नशे के सामराज्य स्थापित या अस्थापित..? “उडता चंन्द्रपुर”

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नशा जिले मे नशे के सामराज्य स्थापित या अस्थापित..? “उडता चंन्द्रपुर”

अवैध ताडी मे बनावटी जहर पिला रहे अवैध ताडी विक्रेता.!

भाग  1

चंन्द्रपुर/महाराष्ट्र
दि.14 जनवरी 2022

चंन्द्रपुर:  चंन्द्रपुर जिले मे नशे का सामराज्य स्थापित या अस्थापित? यह प्रश्न आज खडा क्यों हो रहा है? कारण जिले मे शराब बंदी के बाद से चरश, ड्रग्स, डोडा, अफीम, बुक्की, और गान्जा का नशा करने वालो की होड सी लागी हुई है।

आर्थिक आधार पर युवा पिडी पर आज शराब बंन्दी हटने के बाद क्या स्थिति है? जिले मे देशी अवैध तरह से बिकने वाली ताडी जिसमे गरीब तबके के गरीब मजदूर वर्ग के लोगे को सस्ती अवैध नकली ताडी क्या ग्रहन करने वाले आदतन मजबूर है? पर जिले की हर दुर्गंध को साफ करने के लिए एक विभाग होता है। पर क्या वह विभाग के अधिकारी अपना उत्तरदायित्व समझ रहे है यदि समझे होते तो ताडी के नाम पर बिकने वाले जहर को रोका जा सकता है पर कौन रोके साहब को तो माल से मतलब है आने के लिए दि गई राशि जो वसुलनी है?

ताडी के लाइसेंस जारी नहीं फिर भी बिक रही..।

  • अब तक आबकारी विभाग ने ताड़ी के लाईसेंस जारी नही हुए है पर प्रोसेस जारी है। पर फिर भी अवैध रुप से बिक रही ताडी का यह अवैध कारोबार बंद कराने का दावा किया जा रहा है पर धरातल पर हकीकत इसके विपरीत है। चंन्द्रपुर. शहर के दुर्गापुर , रैय्यतवारी लालपेठ, कालरी क्षेत्र में तो गोरखधंधा व्यापक पैमाने पर फल फुल रहा है। ताड़ी का नशा करने वालों की संख्या में निरंतर बढ़ोत्तरी हो रही है। इसका अवैध कारोबारी भरपूर फायदा उठा रहे हैं। ताड़ी के पानी को ताड़ी की भांति रंग देकर उसमें नशीली गोलियां व अन्य रासायनिक पदार्थ मिलाकर नशा करने वाले ¨जदगी” से खिलवाड़ कर रहे है।

ताडी शुद्ध या वनावटि जहर..

  • ताड़ी से नशा करने का सिलसिला शहर में कई सदियों से चला आ रहा है। आयुर्वेद से जुड़े लोगों का कहना है कि शुद्ध ताड़ी का सेवन दवा के रूप में करने से पेट रोग दूर हो जाते हैं, नशा करने वालों ने दवा के बजाए, इसे नशे का रूप दे दिया। कई दशको से आबकारी विभाग ताड़ी का ठेका उठाया करता था। ताड़ी में नशे की गोलियां मिलाकर नकली घातक ताड़ी को अवैध कारोबार शुरू हुआ। सुत्रो के अनुसार वर्तमान दौर में चंन्द्रपुर शहर मे लगभग 3000 ताडी के पेड होने की जानकारी है जिसमे 700 से 1000 पेड सिर्फ पुलिस अधिक्षक के आवास मे मौजूद है।

कहा है ड्राई चंद्रपुर.?

  • आज जहा शराब बंन्दी हटने के लिए गरीबो के रोजगार और सरकार को रेवेन्यू का सहारा लेकर शराब बंन्दी हटाई गई। सोसल मीडिया मे Dri Chandrapur बनाया गया इस ग्रुप से शराब बंन्दी के निर्णय को गलत साबित कर शराब बंदी के निर्णय पर सवाल खडे किए गए। पर आज कहा है? आज क्यो नही बनाया जा रहा  “उडता चंन्द्रपुर ग्रुप” पर क्या करण है? इन युवा पीडि पर आरोप लगाया जा रहा है।
    शराब बंन्दी के बाद भिश्म प्रतिज्ञा लिए पूर्व के अर्थ मंत्री, जिले के पालक मंत्री सुधिर मुनगंन्टीवारजी के भिस्म प्रतिज्ञा को कुछ शराब के आदि यवको ने गलत साबित कर एक पापोगंडा तैयार किया और सोशल मीडिया मे गरीब के रोजगार को हथियार बनाकर शराब बंन्दी के निर्णय को गलत साबित करते रहे है। पर क्या जनता सोसल मिडिया पर आए लेख से अपनी दिशा तय करती है। यदि इस आधार पर कीसी को संच्चा झुठा बनाया जा सकता है तो इस पर समाज के बुद्धिजीवीयो को सामने आना होगा
  • ठिक है पर एक तबका ऐसा भी था जिसने शराब बंन्दी के निर्णय को सही ठहराया पर हम ने कहावत सुनी थी की बार बार चिल्लाकर झुठ बोलने से झुठ सच नही हो जाता है पर यहा तो चिल्लाकर बोला गया झुठ सच हो गया और विरोधियों ने कहावत को झुठा साबित र दिया। और बार बार झुठ को सोसल मिडिया मे चिल्लाकर सच साबित कर सही निर्णय को गलत साबित करने मे कामयाब रहे है।

कहा है आज ड्राय चंद्रपुर?

  • चंन्द्रपुर जिले की परिस्तिथी आज विपरीत दिशा में नजर आरही है युवा पिडि नशे की आदी होती जा रही है नशे के कारण कुछ ही माह में कई युवक ने अपनी जाने  भी गवाई है हाल ही में हुई वाहन दुर्घटनाओं में चंन्द्रपुर शहर में कई बड़ी वाहन दुर्घटनाए हुई जिसमे नशे के भस्मासुर दिनव ने युवा पढ़ी को अपना शिकार बनाया। यह जिम्मेदारी किसकी है शासन मूंह बंद करे बैठा है इनकी नाकमी का जवाब कौन पुछे कीसे पडी सब अपनी अपनी रोटियां सेकने मे मस्त है।