सनसनीखेज: कोयला व्यापारी कर रहे नकली E Way Bill के तहत कोयले की बडे पैनामे पर चोरी.

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सनसनीखेज: कोयला व्यापारी कर रहे नकली E Way Bill के तहत कोयले की बडे पैनामे पर चोरी.

वणी तहसील के राजूर और चंद्रपूर तहसील के बिमला रेल्वे सायडिंग मे हो रही रिजेक्टेड कोयला और राख की मिलावट.

चंद्रपूर विशेष प्रतिनिधी :-

दि.13 जनवरी 2022

पुरी खबर:- चंद्रपूर जिलेके ताडाली बिमला रेल्वे सायडिंग और यवतमाल जिले के वणी राजूर के निजी रेल्वे सायडिंग मे बडे पैमाने पर कोयला व्यापारी कोयले की हेराफेरी करके मध्यप्रदेश पॉवर जनरेशन कंपनी लिमिटेड अर्थात MPPGCLऔर Mahagenco को करोडो का चुना लगाने की बात सामने आयी है.

कोयला चोरी करने का कोयला व्यापारीयो ने बडा अजीबसा फंडा निकाला है जो कोयला चोरी का सस्पेन्स है. क्योंकि कोयला व्यापारी बिमला और राजूर रेल्वे सायडिंग मे जो कोयला हायवा ट्रक से वेकोली खंदान से लाते है उसमें से अच्छा कोयला अलग करके बाकी कोयला चुरी मे पॉवर प्लांट की राख और कोल वॉशरिज का रिजेक्टेड कोयला मीलाकर वो मिलावट कोयला रेल्वे वैगीन मे भरकर MPPGCL और Mahagenco इन पॉवर प्लांट को भेजा जा रहा है और अच्छा कोयला इन रेल्वे सायडिंग से कोयला व्यापारी के गैरकानुनी कोयला डेपो पर नकली ई-वे-बिल के तहत भेजा जा रहा है जिसमे इन पॉवर प्लांट कंपनियों को करोडा का चुना लगाया जा रहा है.

कोयला व्यापारियों ने वणी और चंद्रपूर इन रेल्वे सायडिंग के आस पास कोयले के गैरकानुनी प्लाट तयार किए है और उसमें कोयला WCL से e – aution मे खरीद के लिया जाता है. सोचने की बात ये है कोयले की चोरी करने के लिए MPPGCL और Mahagenco के RCR ( Road Cum Rail ) कंडीशन के तहत ठेकेदार ने अपने बड़े बड़े कोयला प्लॉट खोल रखे है जिसमे हज़ारो टन कोयला चोरी का है और ये कोयला Mahagenco और MPPGCL को चुना लगाकर इन्होने अपने कोयला के भंडार बना लिये है. बताया जाता है की कोयले की ब्लैक मार्केट से कोयला पिछले 3-4 महीने मे खुले बाजार मे 5000 से 15000 रुपया टन तक चला गया है.

 

नकली ई – वे -बिल के माध्यम से कोयला हेराफेरी?

  • बिजली कम्पनी को भेजे जा रहा कचरा और रिजेक्टेड कोल के पत्थर को कोयला बनाया जाता है और बिजली घर के बायलर इन पत्थर के कारण ख़राब हो रहे है जहाँ बिजली महंगी हो रही है. निजी रेल्वे सायडिंग राजूर और बिमला से निकल रहा अच्छा कोयला कोयला व्यापारी के निजी कोयला डेपो मे जा रहा है और उसमें बाकायदा नकली E-Way Bill बनाकर कोयले की हेराफेरी हो रही है.

 

वेकोली की रेल्वे कोल सायडिंग क्यू है बंद?

  • चंद्रपूर और यवतमाल जिलेके वेकोली क्षेत्र मे वेकोली की खुद की रेल्वे सायडिंग होने के बावजूद निजी राजूर और बिमला कोयला रेल्वे सायडिंग पर कोयला उतारा जा रहा है और इस निजी रेल्वे सायडिंग मे कोयला चोरी और हेराफेरी की जा रही है. इस खेल मे पॉवर प्लांट के अधिकारी और कुछ बड़े ट्रांसपोर्टर की आपसी साजिश है. और इसलिए वेकोली से बिमला और राजूर सायडिंग पर आया अच्छा कोयला अलग करके बची कोयला चुरी मे पॉवर प्लांट की राख और कोल वॉशरिज का रिजेक्टेड कोयला मीलाकर रेल्वे से पॉवर प्लांट को भेजा जा रहा है. जिसमे करोडो का घपला है. यह बहुत बडा मामला है जो देश हित मे  उठाना जरूर है और इसलिए इसकी सीबीआय जांच करने की मांग मनसे के जिला उपाध्यक्ष राजू कुकडे इन्होने की है.

चंद्रपूर जिले के बिमला सायडिंग मे सीएमपीएल, स्वामी फ्युयेल, गुप्ता वॉशरिज जबकि राजूर सायडिंग मे, महावीर कोल वॉशरिज, ट्रान्सपोर्टर विकास कोल अँड मिनरल प्रा. ली. इन 5 कोयला ट्रांसपोटर के खुद के ताडाली मे कोयला के गैरकानूनी कोयला प्लाट है जिनमे हजारों टन कोयला बिना बिल के और GST भी ना भरे स्टॉक किया जा रहा है. इसलिए ये कोयला चोरी का होने से इसकी सीबीआय और जीएसटी प्रशासन से करने की मांग हो रही है .