इरई नदी की सुदरता पर ग्रहन लगा रहे रेत तस्कर..! क्या रेत तस्करो के दबंगई से डरा सरकारी तंत्र?

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इरई नदी की सुदरता पर ग्रहन लगा रहे रेत तस्कर..!

क्या रेत तस्करो के दबंगई से डरा सरकारी तंत्र?

चंद्रपुर/महाराष्ट्र
दि. 20 नवंबर 2021

पुरी खबर:- चंद्रपुर तहसील के इरई नदी से बडे पैमाने पर रेत की तस्करी नियमित रुप से जारी है मुख्य शहर के कुछ हि किलो मिटर पर यह नदी होने के बावजूद पडोली और दुर्गापुर थाना अंतर्गत तस्करो को पुलिस भी रोकने मे नाकाम नजर आ रही है तहसील और खनिकर्म विभाग का गुप्त सुचना तंत्र नाकामियाब साबित हो रहा है।

रेत माफियाओ का कब्जा..!

  • ‌बता दे चंद्रपुर तहसील के इरई डेम से आई इरई नदी मे वर्षा के बाद हर वर्ष लाखो ब्रास रेत बहकर जमा होती है यह नदी जिले की बड़ी नदी वर्धा नदि मे संगम होकर समाप्त हो जाती है। इस नदी के सुरु से अंत तक हर जगह रेत माफियाओं ने कब्जा कर रखा है, कही दबंगई तो कहीं सिस्टम से सेटिंग कर सरकार और पर्यावरण को भरी नुकसान पहुंचाने मे इन रेत तस्करों ने कोई कसर नहीं छोड़ रखी ।

 

सरकारी तंत्र लुटेरो पर अंकुश लगाने मे बेबस..!

  • ‌इरई डेम से किटाडी, भटाडी, छोटा नागपुर, पडोली, बिम्बा गेट, पठानपुरा गेट, जमनजट्टि, नादगाव, हर जगह इन लुटेरो ने राष्ट्रीय संम्पत्ति रेत की लुट जारी रखी हुई है। पर्यावरण के रंक्षको की भूमिका संदेहास्पद है? पर्यावरण के रखरखाव मे सरकारी संम्पत्ति की बरबादी का तमाशा आज जनता ने अपनी आखो मे कैद किया है। और रेत तस्करों ने नदी मे ग्रहन जैसे हालात पैदा कर रखे है । सरकारी तंत्र लुटेरो पर अंकुश लगाने मे बेबस साबित होता दिखाई दे रहा है। जिसमे महाराष्ट्र के हजारों करोडो रुपयों का महसूल यह रेत माफिया कुछ सरकारी महकमे के आला अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर महसूल चोरी में इन रेत चोरों को बचाने का काम कर रही है देखना यह है कि अभी इन रेत माफियाओं को सबक कौन सिखाएगा?