गरीब का हक मार कर धन्ना सेठ बन रहे सरकारी राशन दुकानदार, बायोमेट्रीक के बाद भी नही रूकी राशन कि कालाबाजारी

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गरीब का हक मार कर धन्ना सेठ बन रहे सरकारी राशन दुकानदार,

बायोमेट्रीक के बाद भी नही रूकी राशन कि कालाबाजारी

चन्द्रपुर/महाराष्ट्र
दि.24.जुन 2021
रिपोर्ट :- हनिफ शेख संवाददाता
पुरी खबर घुग्घुस: प्रधानमंञी नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना महामारी संकट मे प्रधानमंत्री कल्याण योजना के तहत देश कि गरीब जनता को सस्ते दरो मे राशन देने कि घोषणा हुई है, लेकिन आज भी गरीबो का हक्क गरीब कि थाली तक नही पहुच रहा है।

बायोमेट्रिक मशिन के बावजूद नहीं रुकीं कालाबाजारी…

  • ‌यहा पर सरकारी अनाज कि दुकानो मे हेराफेरी का सिलसिला सुरू से आज तक समाप्त नही हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को सरकारी राशन दुकानो मे राशन कि कालाबाजारी रोकने के लिए कुछ उपायो योजना का आदेश दिया गया है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने सभी सरकारी राशन दुकानो मे अनाज वितरण कार्य मे पारदर्शिकता लाने के लिए बायोमेट्रीक मशीन से राशन वितरण की कार्य प्रणाली सुरू कि है। यह बायोमेट्रीक मशीन ग्राहक का अंगुठा लगने के बाद, स्क्रीन मे अनाज का वजन और अनाज के प्रकार को दर्शाती है। मशीन से निकली चिठ्ठी का विवरण ग्राहक को दिया जाता है परन्तु यहा पर गरीब को सरकारी योजना का भरपुरा लाभ नही मिल पा रहा है।

दुकानदार अनाज आवंटित नही होने का बहाना बनाते हैं…

  • ‌दुकानदार को सरकार के तरफ से गरीब के लिए उचित दरो मे मिलने वाले अनाज की कालाबाजारी कर बाहर ऊंचे दरो मे बेचकर, दुकानदार गरीब का पेट काटकर मालामाल हो रहे है। राशन से वंचित होकर गरीब महीने बीच जब दुकान मे अनाज के लिए पहुचता है तो दुकानदार अनाज आवंटित नही होने का बहाना बताकर गरीब कि झोली मे एक मुठ्ठी अनाज देने के लिए तरसाता है।
  • ‌दुकान नियमित समय पर न खुलने और जल्दी बंद होने से गरीब को सही समय पर राशन न मिलने पर गरीब के परीवार को भुखा हि सोना पड़ता है।

राजकीय सह के कारण कार्यवाही नहीं…

  • ‌यहा पर कुछ राशन दुकानदारो पर राजकीय पक्ष का सपोर्ट होने से कारवाई भी सिर्फ नाममात्र के लिए होती है। राशन दुकान से सरकारी बोरे मे खुलेआम कई क्विटल अनाज बाहर 16 से 20 रू किमती दरो मे बेचकर दुकानदार मालामाल हो रहा है। दुकान के बाहर रेट बोर्ड मे कभी अनाज का दाम लिखा होता है कभी नही लिखते जिससे गरीब भ्रमित होता है। राशन दुकान से नौकरी, पेशेवार व्यक्ती भी बीपीएल का फर्जी कार्ड बनाकर गरीब जनता का हक्क छीन रहा है जिसके कारण से गरीबो को सरकारी योजना का भरपुर लाभ नही मिलने से गरीब का परिवार भुखे सोने को मजबुर हैं स्थानिक नागरीको ने राशन दुकानो मे होने वाली कालाबाजारी, फर्जी कार्ड, पर रोक लगाने और राशन कि हेराफेरी करनेवाले दुकान का परवाना रद्द करने कि मांग तुल पकड़ रही है।