अस्पताल से निकला मरीजों का कचरा घनी बस्ती मे फेंका गया..! ध्यान में आने पर हड़बड़ी में उस कचरे को जलाया किया गया लाख, परिसर में उमड़ा घुए का गुब्बार रह रहे नागरिकों की स्वास्थ्य खराब होने का खतरा

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यह जैविक कचरा आया कहां से …? इस गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार कौन…?

चन्द्रपुर/महाराष्ट्र
दि. 24 में 2021

पुरी खबर :- चन्द्रपुर से दुर्गापुर की ओर जाने वाले रास्ते पर सुमित्रानगर यह शिक्षित नागरिकों की घनी बस्ती, इस बस्ती के सुपर मार्केट के बाजु में अस्पताल में देने वाली इन्जेकशन, इस्तेमाल किया गया निडल्स, सलाइन, दवाईयों की कालिख हुई बाटल और भी कई सामान‌ को रास्ते के किनारे फेंका गया चित्र शनिवार दि. 22 में को वहां से जाते R.M. media centre  के पत्रकार को दिखाई दिया। उस पत्रकार ने उस जगह की फोटो निकाली और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उसी रास्ते पर लगे अस्पताल डॉ. सुनीता ओसवाल इनके आंखों का अस्पताल है। पिछले कई महीनों से यह दवाखाना बंद होने की जानकारी प्राप्त हुई है।

किसी बड़े सर्जन के अस्पताल का कचरा फेंका गया

  • विशेषकर जो जैविक कचरा जिस जगह फेका गया था उस कचरे में मेडिकल फिजीशियन या सर्जन इनके इस्तेमाल मे आने वाले सामान का कचरा वहा फेंका गया था। इसी संदर्भ में दुसरे दिन विडियो निकालने के लिए पत्रकार के जाने पर सभी जैविक कचरा आग लगाकर जला दिया गया है।

घनी बस्ती में महामारी फैलने का अंदेशा

  • विशेष बात यह है कि इतना सारा जैविक कचरा भरी बस्ती में फेंका गया इसका खोज कर महानगर पालिका ने उसपर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। परिसर में कोई झोलाछाप डॉक्टर अपना क्लीनिक खोलकर अवैध तरीके से नागरिकों का इलाज तो नहीं कर रहा है। ऐसा अंदेशा भी बना हुआ है। घर से निकलने वाला कचरा इतनी बड़ी मात्रा में नहीं होता है। ऐसा वहां पर रह रहे हैं नागरिकों का कहना है।

ऐसी महामारी के समय लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की आश

  • इस कोरोना काल मे कईयो को अपनी जान गवानी पड़ी पुरा सरकारी तंत्र इस महामारी को रोकने में एडी चोटी का जोर लगा रहा और नियमावली भी बनाई गई है नियम का पालन ना करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। वहीं इस तरह की लापरवाही एक नई महामारी को आमंत्रित कर रही है। ऐसे बेपरवाह व्यक्तियो का पता लगाकर उन्हें उनके सही अंजाम पहुंचाना चहिए। जिससे ऐसा करने वालों को सीख साबित हो सकता है।