निलजई खाण के कोयले का झोल! ९३ ट्रक कोयले की हेराफेरी के आरोपी अभी भी पकड़ के दूर ! लगभग 2200 टन कोयला अब भी लापता

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निलजई खाण के कोयले का झोल…!

९३ ट्रक कोयले की हेराफेरी के आरोपी अभी भी पकड़ के दूर…! लगभग 2200 टन कोयला अब भी लापता ?

यवतमाल /महाराष्ट्र 

दि. 02 MAY 2021

पुरी खबर:- यवतमाल : जिले के निलजई खाण में हुए कोयले की अफरातफर अभी चर्चा का विषय है। १८ मार्च को वणी पुलिस ने ३ ट्रको पर कारवाई कर गद गद हुई और फिर क्या वहीं दम, “भर दम तोडती जाचं” और सुले मे घुमते राष्ट्रीय संम्पत्ति के लुट मे शामिल लुटेरे? इसी निलजई खदान से शहजाद शेख के नागपूर के प्राईड मेटल इंडस्ट्रिज के लिये निकला बाकी के ९३ ट्रक याने २२०० टन सबसिडी का कोयला कहां गया? इसकी खोज करने में वणी पुलिस नाकामयाब रही। कोयले के इस झोल में मुख्य आरोपी रहे शहजाद के लिये कोयला चोरी कोई नया विषय नही है। इसके पूर्व भी उसपर कोयले की अफरातफरी के गुन्हे दर्ज है। बनावटी दस्तावेजो द्वारा सबसिडी का कोयला उठाना और उसे खुले बाजार में बड़े दामोंपर बेचने का यह गोरखधंदा है, करोडो के इस गोरखधंदे में कुछ व्यापारी सम्मिलीत है साथ ही छोटे-मोठे दलालों के भरोसे राष्ट्रीय संपत्ती कोयले की लुट की जाती है। अटलबिहारी गिरी भी उसी गोरखधंदे का एक हिस्सा है। १८ मार्च को पुलिस ने जिन ७ आरोपीयों पर कारवाई की थी, उसमें अटलबिहारी गिरी भी शामिल था। वणी पुलिस गिरी या बाकी लोगों के बारे में पुख्ता सबुत इकठ्ठा न करने की वजह से पांढरकवडा न्यायालय से गिरी और बाकी साथीयों को जमानत दी गई। पुलिस की भुमिका इसमें संदेहास्पद है।

१८ मार्च के 1 दिन पुर्व वणी M.शाहु के टाल पर कोयला उतारा गया.

  • १८ मार्च के 1 दिन पुर्व वणी के टाल पर कोयला उतारा गया, बताया जाता है कि वहां पर भी पुलिस के आला अफसरों ने धाड डाली थी। लेकिन उसके बाद न कोई केस बना न कोई आरोपी गिरफ्त में आया और ना ही पुलिस ने कोयले का कोई ट्रक पकडा, वह कार्रवाई की चर्चा जोरो पर है और आज इस पुरे प्रकरण की जाचं सीआयडी से की जाए ऐसी मांग तुल पकड रही है यदि जाचं कीसी निष्पक्ष एजेंसी से होती है तो एक दिन पुर्व की धाड की भी कलई खुल सकती है। और  M.शाहु की भूमिका भी सामने आ सकती है।

प्राईड मेटल इंडस्ट्रिज के डिओ से निकला यह कोयला वणी के लाल पुलिया

  • शहजाद के प्राईड मेटल इंडस्ट्रिज के डिओ से निकला यह कोयला वणी के लाल पुलिया स्थित वर्धमान कांटा, बाबा बालकनाथ काटा, बालाजी कांटा, जैयतई काटा और साई बाबा काटा  इन धर्म काटो मे यह प्राईड मेटल के डीओ के कोयले से भरे ट्रकों ने काटा कर वणी लाल पुलिया स्थित न. भाई, मुं. साहू, ह.अग्रवाल, ठाकुर, मो .कोल, फोलीवाला इन कोयला डालो पर सब्सिडी के कोयले की अफरा-तफरी की गई है? उतारा गया २२०० टन कोयले की इस अफरातफरी में अटलबिहारी गिरी ने पुरा सच पुलिस के सामने उगल दिया था। इस कोयला हेर-फेर प्रकरण को न उछालने के लिये साहु गुप्ता नामक कोयला व्यापारी की मुख्य भुमिका रही। यहां पर जो लेन-देन हुआ उसका पर्दाफाश होना जरुरी है। निलजई कोयला खाण अफरातफर प्रकरण की वरिष्ठ जांच करने की मांग पत्रकार संघ द्वारा की गई है। अगर जांच सही ढंग से और इमानदारी से की गई तो बड़ी मछलियों का पर्दाफाश इस प्रकरण में हो सकता है। और राष्ट्रीय संम्पत्ति के लुटेरों को उनके सही जगह पहुचाया जा सकता है।
  1. निलजई कोयला प्रकरण गुप्ता और साहु की भुमिका संदेहास्पद ?
  2. आज उस लागत लगाने वाले अन्य व्यापारी का पता लगाना जरूरी हो गया है?
  3. पुलिस द्वारा पीसीआर लेने के बाद अटल बिहारी गिरी ने डंडे के सामने 1 दिन पूर्व की घटना के संचालक का नाम क्या गुलदस्ते मे ?
  4. गिरी के बताए नामों तक पुलिस क्या पहुंच पाई?