शहजाद और कुबेर वर्मा पर इसके पूर्व भी गुनाह दर्ज ?

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निलजई कोयला खान के कोयले का झोल !

यवतमाल/महाराष्ट्र

दि. ३१/०३/२०२१

पुरी खबर :- निलजई कोयला खान से सबसिडी का कोयला पहुंचा रहे कोयले के तीन ट्रक वणी के कोयला प्लाट पर खाली करते समय वणी पुलिस ने पकडा है. इसमें प्राईड मेटल कंपनी का शहजाद और घुग्गुस के वंदना ट्रान्सपोर्ट कंपनी के मालिक कुबेर वर्मा यह मुख्य गुनहगार है. ऐसा खुलासा पुलिस की प्रथम जाँच में सामने आया है।

पहले भी अपराध दर्ज?

  • यह प्रकरण यवतमाल जीले के पुलिस अधिक्षक दीलीप पाटील भुजबळ इनके मार्गदर्शन में यह कोयले की अफरा-तफरी के प्रकरण का खुलासा हुआ है। यह प्रकरण वणी के सहा. पो. निरीक्षक गोपाल जाधव यह कर रहे है। इस प्रकरण में एक हि बार में ९ अपराधीयो पर विविध धाराओं के अंतर्गत गुनाह दर्ज किया गया है। और इसमें पकडे गये अपराधी शहजाद और कभी कुबेर पर इस कोयला ट्रान्सपोर्ट अफरातफरी प्रकरण के पुर्व भी गुनाह दर्ज है। ऐसी सुचना सुत्रो द्वारा प्रास हुई है।

!! क्या यह वही शहजाद है?

  • चंद्रपुर जीले के घुग्घूस पो.स्टे. में मार्च २०१९ में २६ ट्रक कोयला प्रकरण में भी शहजाद शेख अपराधी था !! क्या यह वही शहजाद है? वणी में पकड़े गए कोयले के तीन ट्रकों में से एक ट्रक कुबेर वर्मा इनके नाम पर रजिस्टर्ड है। वणी पुलिस ने यदी कुबेर वर्मा को सिर्फ ट्रान्सपोर्टर ही ना समझते हुए उसकी कुन्डली खंगालती है तो शायद पुलिस को और अहम जानकारीयां प्राप्त हो सकती है और ऐसे ही कई प्रकरण का खुलासा भी हो सकता है।

सुपरवायझर से कोयला तस्करी, “तस्करी से एजेंट गिरी” !

  • इसी प्रकरण में पकड़ा गया अटलबिहारी गिरी यह कुछ वर्ष पुर्व एक ट्रान्सपोर्ट कंपनी में सुपरवायजर पद पर कार्यरत था, चंद्रपूर और वणी के कोयला व्यापारीयो का वह बिचौलिया बन इसने धन कुबेर जमा किया है ऐसा कहा जाता है। इस गिरी ने अभी तक अपने हाथ कितने बार काले किये है यदी पुलिस इसकी भी कुन्डली खंगालती है तो और भी कई बड़ी मछलियां जाल में फंस सकती है। फर्स से अर्स’ की राह इतने आसानी से नहीं होती और कोयले में तो और भी नहीं।।

बाकी के ९३ ट्रको का कोयला कहां गया?

  • प्राईड मेटल इंडस्ट्रिज के नामपर निलजई खदान से निकाले गये बाकी के ९३ ट्रक बाहर खाली हुए है, ३ ट्रक वणी के प्लॉट पर खाली करने के दौरान पुलिस ने पकडा परंतु बाकी के ९३ ट्रको को कहा खाली कराया गया ? यह भी उतना ही महत्वपूर्ण और जाँच का विषय है। बंद हुए उद्योगों को सबसिडी का कोयला आवंटित किया जाता है और वह कम दरों में दिया जाता है। जीसे सरकार अपने मुल दामों से भी कम किमत में इन उद्योगों को कोयला देती है। और वही कोयला खुले बाजार में उंचे दामों पर बेचा जाता है। जिससे राष्ट्रीय संपत्ती की हानी होती है। और कोयला तस्कर मालामाल हो रहे है।

बडा रैकेट इस व्यापार में सक्रिय !

  • कोयले की हेराफेरी कर सरकार को चुना लगा रहा यह गीरोह का अब पकड़ा जाना जरूरी है। वणी के लालपुलिया पर वर्धमान काटे के बाजु में पकड़े गये तीन ट्रको के दो दिन पूर्व ही किस प्लाट पर जांच एजेंसीयों की धाड गिर चुकी है पर उस कार्यवाही का सामने ना आना आज चर्चा का विषय बना हुआ है। वरिष्ठ अधिकारीयों के रहते हुए यह कार्यवाही का उजागर न होना यह संशोधन का विषय बना हुआ है। मार्च महिने के दुसरे सप्ताह में कि गई यह कार्यवाही कही गुलदस्ते में तो नहीं है? इसकी चर्चा आज जोरो पर है।